FAQ-Confidence

1. कान्फिडेंस क्या है ?

कान्फिडेंस मानव शरीर की वह सर्वश्रेष्ठ मानसिक-शारीरिक स्थिति होती है जिसमे कोई व्यक्ति, किसी भी कार्य को सम्पूर्णता से सम्पन्न करने की क्षमता का अनुभव करता है। इस समय मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अपनी चरम ऊँचाइयों पर होती है और स्वास्थ्य के दोनों मूल आधार तत्व तन और मन एक दुसरे के साथ सर्वोच्च समंजन कर  मानव शरीर को सर्वश्रेष्ठ क्षमता से परिपूर्ण करती है। इस समय सम्पन्न किये गए सभी कार्य सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाली होती है । इस समय कोई भी कठिन कार्य बड़ी सहजता से तथा बिना तनाव के सम्पन्न होते देखा जा सकता है। इस समय अन्मन्यस्कता का कहीं कोई निशान व्यक्ति के चेहरे पर देखने को नहीं मिलता और व्यक्ति जटिल समस्याओं के बीच भी सरलता के साथ सफल होता है।

2. कॉन्फिडेंस कहाँ से आता है ? शरीर के अन्दर से या बाहर से ?

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि मानव शरीर में कॉन्फिडेंस आखिर कहाँ से आता है ? सत्य तो यह है कि शारीर में कॉन्फिडेंस के आने जाने का कोई रास्ता नहीं है। कॉन्फिडेंस ना ही शरीर के अन्दर आता है और ना ही ये शरीर से बाहर जाता है। वास्तविकता यह है कि कॉन्फिडेंस शरीर के अन्दर ही निर्मित होता है और शरीर के अन्दर ही विलीन हो जाता है। यह शरीर के अन्दर होने वाली कई तरह की प्राकृतिक घटनाओं के परिणाम के रूप में परिलक्षित होती है। हमारे पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मानव शरीर पांच तत्वों से बना है। इन्हीं पांच तत्वों के संघठन और विघठन के क्रमिक क्रियाओं के फलस्वरूप शारीरिक स्वास्थ्य में उतार और चढ़ाव होता है। शरीर के स्वास्थ्य में उतार की अवस्था में कॉन्फिडेंस चली जाती है और चढ़ाव की अवस्था में यह शिखर पर आ जाती है। कॉन्फिडेंस की वैज्ञानिक विशलेषण जो भी कहे, पर इनके क्रमिकता से कोई इन्कार नहीं कर सकता। इनके क्रमिकता के आयाम शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य अथवा निरोगता और आयु पर निर्भर करता है।

3. शरीर में कॉन्फिडेंस का निवास कहाँ होता है ?

यह एक रोमांचित कर देने वाला प्रश्न है । क्या आपने कभी इस विषय में सोचा है कि आपका कॉन्फिडेंस आपके शरीर के अन्दर किस हिस्से में निवास करता है ? मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि जैसे ही यह प्रश्न आपके समक्ष आयेगा आप अपने अन्दर प्रवेश करेंगे और यह जोर शोर से तलाश करेंगे कि आपका कॉन्फिडेंस किधर है। आप निश्चित रूप से खोजेंगे, अपने अन्दर टटोलेंगे और पायेंगे कि आपके खास-खास हिस्से में कॉन्फिडेंस का निवास है। आप से कभी अगर  मुलाकात होगी तो निश्चित रूप से आपको आपके कॉन्फिडेंस से साक्षात्कार कराया जायेगा, यह आप से मेरा वादा है।

4. कॉन्फिडेंस के उतार-चढ़ाव  के क्या कारण हैं  ?

इस प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने के लिए आप अपनी सहज समझ का इस्तेमाल करेंगे तो सरलता से आपको अपने प्रश्न का जवाब मिल जायेगा। आप दैनिक, मासिक और वार्षिक रूप से प्रकृति में होने वाले बारंबार परिवर्तनों का नियमित अवलोकन एवं विश्लेषण करें, तो आप पायेंगे कि ये प्राकृतिक परिवर्तन एक चक्रीय व्यवस्था के अंतर्गत निरंतर घटित होते रहती है। मानव शरीर भी प्रकृति का एक हिस्सा है और हम भी इस प्राकृतिक परिवर्तन के अधीन है। निरंतर अवलोकन और गहन विश्लेषण के बाद आप पायेंगे कि मानव शरीर में दैनिक और मासिक परिवर्तन की एक प्रक्रिया होती है जिसके कारण हमारे कॉन्फिडेंस के स्तर में भी उतार एवं चढ़ाव होते रहते हैं।

5. क्या कॉन्फिडेंस को मैनेज किया जा सकता है ?

हाँ, कॉन्फिडेंस को मैनेज किया जा सकता है। कॉन्फिडेंस के उतार-चढ़ाव के मुख्य कारणों को नियंत्रित कर के कॉन्फिडेंस को मैनेज किया जा सकता है। इसके लिए इन कारकों का निकट से अवलोकन और निरंतर विश्लेशण की आवश्यकता होती है। कॉन्फिडेंस को नियंत्रित कर किसी भी खेल अथवा कार्य के परफॉरमेंस में औसतन 15 प्रतिशत तक का सुधार प्राप्त किया जा है। इससे परिणाम में काफी अंतर आ सकता है।

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