Efficiency of a Team

टीम के क्षमता का प्रोफाइल ( Efficiency Profile of a Team ) :

टीम के फॉर्म के क्षमता का प्रोफाइल का सीधा सम्बन्ध टीम के सेहत से लगाया जा सकता है। फॉर्म के क्षमता का प्रोफाइल का एक गणितीय मानक तय  की गयी है । इस मानक में टीम के प्लेयिंग इलेवन के फॉर्म का औसत निकाल कर टीम के फॉर्म का अंक के आधार पर प्रतिशत  क्षमता-प्रोफाइल बनाया जाता है। टीम के इस फॉर्म के प्रतिशत के आधार पर किसी टीम का प्रदर्शन कैसा होगा यह तय किया जा सकता है। इस गणना के आधार पर टीम की हार-जीत के लिए लक्ष्य निर्धारण , उच्च औसत स्कोरिंग, आक्रामक-खेल, सुरक्षात्मक-खेल इत्यादि को ध्यान में रख कर अपनी खेल शैली में बदलाव किया जा सकता है।

यदि कोई निम्न फॉर्म  वाली टीम आक्रामक खेल दिखाएगी तो वह निश्चित रूप से हार जाएगी और यदि उच्चतर फॉर्म वाली टीम रक्षात्मक  खेल खेलेगी तो उसे कठिन जीत हासिल होगी या फिर उसे बराबरी पर रोक लिया जायेगा। ऐसी स्थिति से बचने के लिए टीम प्रबंधन को खेल के दिन टीम की  वास्तविक क्षमता को जानना होगा। टीम के फॉर्म  के हिसाब से खिलाड़ी की शैली को तय करना होगा और निश्चित जीत को पूर्व में ही तय करना होगा। अर्थात टीम के खेल में उतरने के पहले ही जीत की ओर कदम बढ़ा देना।

टीम के क्षमता को प्रतिशत में ही व्यक्त किया जा सकता है।  क्रिकेट के T20 खेल के अधीन टीम की क्षमता को निम्न प्रकार से विभाजित किया जा सकता है।

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इस टेबल से यह पता चलता है कि कोई भी टीम यदि 100% क्षमता का प्रयोग करने में सक्षम हो गयी तो वह 20 ओवरों में 200 के स्ट्राइक रेट और 12 रन प्रति ओवर के हिसाब से 240 रनों से ज्यादा का स्कोर खड़ी कर पाएगी। इसी प्रकार से यदि टीम 90% क्षमता का प्रयोग करने में सक्षम हो गयी तो वह 20 ओवरों में 190 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट और 11 रन प्रति ओवर से ज्यादा के हिसाब से 220 से 239 रनों का  स्कोर खड़ी कर पाएगीऔर 80% क्षमता का प्रयोग करने में सक्षम हो गयी तो वह 20 ओवरों में 180 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट और 10 रन प्रति ओवर से ज्यादा के हिसाब से 220 से 219 रनों का  स्कोर खड़ी कर पाएगी। इस टेबल के आधार पर अन्य क्षमता वाले टीम भी क्रमश: अपना प्रदर्शन तदनुरूप कर सकते है।

सैद्धान्तिक रूप से यह विभाजन जितना आकर्षक और यथार्थ दिखता  है प्रायोगिक में ऐसा न होता है और न ही  संभव है क्योंकि क्रिकेट के टीम  में कम से कम 7 बल्लेबाज़ और कम से कम 4 गेंदबाज़ शामिल किये जाते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि क्रिकेट में दसों बल्लेबाजों या सारे गेंदबाजों का खेलना अनिवार्य नहीं होता है। यदि अगला बल्लेबाज़ आउट नहीं होता है तो पीछे के लोग खेल में या बल्लेबाजी के लिए मैदान में नहीं आ सकते। इस स्थिति में यदि दो या तीन खिलाड़ी एक इनिंग के सारे ओवरों को खेल जाएँ तो दसों विकेट के परफॉरमेंस के बराबर होगा। अगर यदि यही खिलाड़ी अपने गैगंटिक फॉर्म में खेलते हुए सारे ओवरों को खेल लें तो उपर दिये गए सारे आँकड़े सच साबित होंगे।

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